गर्लफ़्रेंड की दीदी की आगे पीछे चुदाई

Foursome(FMFM) Sex Story हाय दोस्तो, मैं शुभम शर्मा, जयपुर का रहने वाला हूँ। उम्र 25 साल, कद 5 फीट 10 इंच, रंग गोरा और जिम में पसीना बहाकर बनाया हुआ बदन। मेरी गर्लफ्रेंड शनाया, 23 साल की, पतली कमर, भरे हुए 34C के स्तन, और वो हल्की सी शरम जो उसकी मुस्कान में झलकती है। उसकी बड़ी बहन जीनल, 28 साल की, शादीशुदा, 36D के भारी-भरकम स्तन, गोल-मटोल गांड, और एक ऐसी चाल जो हर मर्द का ध्यान खींच ले। जीनल का पति विशाल, 32 साल का, लंबा, चौड़ा कंधा, और ऐसा मर्दाना अंदाज कि लड़कियां खुद-ब-खुद उसकी तरफ खिंचती हैं।

ये कहानी उस वक्त की है जब शनाया ने मुझे बताया कि कैसे उसकी दीदी जीनल के कहने पर वो अपने जीजू विशाल से चुद गई थी। सुनकर मेरा लंड तो खड़ा हो गया था, क्योंकि मुझे जीनल को चोदने का मौका मिलने वाला था। मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि जीनल की वो भारी गांड और बड़े-बड़े दूध मेरे हाथों में होंगे।

शनाया को जयपुर छोड़ने के लिए विशाल और जीनल हमारे घर आए। दोनों फ्रेश होकर बाहर आए तो मैंने खाने का इंतजाम पहले ही कर रखा था। खाना खाते वक्त सब हंसी-मजाक में डूबे हुए थे। बातों-बातों में चुदाई की चर्चा शुरू हो गई। जीनल की आंखों में शरारत थी, और विशाल का हंसता हुआ चेहरा बता रहा था कि वो भी मूड में है। शनाया ने मुझे आंख मारी, जैसे कह रही हो, “तैयार हो जाओ, शुभम!”

खाने के बाद मैंने जीनल को अपने पास बुलाया। वो थोड़ा शरमाई, अपने पति के सामने मेरे पास आने में हिचक रही थी। उसकी साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था, और उसके बड़े-बड़े दूध उसी साड़ी में कैद होने को बेताब थे। विशाल ने हंसते हुए कहा, “जा ना जीनल, शुभम के पास! मजे ले, आज रात हम सब खुलकर खेलेंगे।” जीनल ने एक पल विशाल की तरफ देखा, फिर शरमाते हुए मेरे पास आकर बैठ गई।

उधर शनाया ने विशाल का हाथ पकड़ा और उसे दूसरे कमरे में ले गई। मैंने सुना, कमरे का दरवाजा बंद होते ही शनाया की हल्की सी हंसी और विशाल का भारी सा “हम्म” सुनाई दिया। मैं समझ गया, वहां चुदाई का खेल शुरू हो चुका है।

मैंने जीनल को देखा, उसकी साड़ी का पल्लू अब पूरी तरह सरक चुका था। मैंने बिना देर किए उसे अपनी गोद में उठाया। उसका वजन मेरे हाथों में महसूस हो रहा था, और उसकी साड़ी में लिपटा हुआ बदन मेरे सीने से चिपक गया। मैंने उसे दूसरे कमरे में ले जाकर दरवाजा बंद किया।

अंदर जाते ही मैंने जीनल के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी सांसें गर्म थीं, और वो मेरे होंठों को उतनी ही तीव्रता से चूम रही थी। “शुभम… थोड़ा धीरे…” उसने हल्के से कहा, लेकिन उसकी आवाज में वो शरम थी जो मर्द को और उकसाती है। मैंने उसकी बात अनसुनी की और उसके होंठ चूसते हुए उसकी साड़ी को धीरे-धीरे खींचना शुरू किया। साड़ी फर्श पर गिरी, और अब वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उसके बड़े-बड़े दूध ब्लाउज में कैद थे, और निप्पल्स सख्त होकर उभर रहे थे।

मैंने उसका ब्लाउज खोला, हर बटन के साथ उसकी सांसें तेज होती गईं। “शुभम… विशाल को मत बताना…” उसने शरमाते हुए कहा। मैंने हंसते हुए कहा, “विशाल तो खुद शनाया की ले रहा है, तू फिकर मत कर।” ये सुनकर वो हल्का सा हंसी, और मैंने उसका ब्लाउज उतार फेंका। उसकी ब्रा में कैद बड़े-बड़े दूध मेरे सामने थे। मैंने ब्रा के हुक खोले, और जैसे ही ब्रा गिरी, उसके 36D के दूध आजाद हो गए। मैंने अपने हाथों से उन्हें दबाया, वो इतने मुलायम थे कि मेरे हाथों में समा ही नहीं रहे थे। “आह्ह…” जीनल की सिसकारी निकली, और मैंने उसके निप्पल्स को अपने अंगूठे से रगड़ा।

मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके दूध पर टूट पड़ा। एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा, और दूसरा मेरे हाथों में था। “उह्ह… शुभम… और जोर से…” जीनल की आवाज में मस्ती थी। मैंने उसके दोनों दूध बारी-बारी चूसे, निप्पल्स को हल्के से काटा, और उसके पूरे सीने को चूम लिया। उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, “आह्ह… ओह्ह…”

फिर मैंने उसका पेटीकोट खींचा, और उसकी पैंटी भी उतार दी। अब जीनल मेरे सामने पूरी नंगी थी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, और वो पहले से ही गीली थी। मैंने उसकी जांघों को चूमा, धीरे-धीरे उसकी चूत की तरफ बढ़ा। उसकी चूत से हल्की सी खुशबू आ रही थी, जो मुझे और उकसा रही थी। मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया। “आह्ह… शुभम… ये क्या कर रहा है…” जीनल की गांड अपने आप ऊपर उठ रही थी। मैंने उसकी चूत के होंठों को खोला और जीभ अंदर डाल दी। उसका पानी मेरे मुँह में आ रहा था, और मैं उसे पूरा चूस रहा था। “उह्ह… हाय… और करो…” जीनल की आवाज में वासना थी।

मैंने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डालीं और अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत इतनी गीली थी कि मेरी उंगलियां आसानी से फिसल रही थीं। “शुभम… अब डाल दे… प्लीज…” जीनल की आवाज में बेताबी थी। मैंने अपने कपड़े उतारे, मेरा 7 इंच का लंड तनकर खड़ा था। जीनल ने उसे देखा और हल्का सा मुस्कुराई, “इतना बड़ा…?” मैंने कहा, “तुझे मजे देगा, बस देख।”

मैंने उसकी टांगें फैलाईं और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ा। उसका पानी मेरे लंड पर लग रहा था। फिर मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा लंड उसकी चूत में पूरा घुस गया। “आह्ह्ह…” जीनल की चीख निकली, और मैंने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए। “पच… पच…” की आवाज कमरे में गूंज रही थी। जीनल की गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी, और वो “उह्ह… आह्ह… और जोर से…” चिल्ला रही थी। मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। उसकी चूत मेरे लंड को जकड़ रही थी, और मैं मजे में डूबा हुआ था।

“शुभम… चोद मुझे… और जोर से…” जीनल की आवाज में एक अलग ही नशा था। मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई, और कमरा “पच-पच… थप-थप…” की आवाजों से भर गया। मैंने देखा, जीनल की आंखें बंद थीं, और उसका मुँह खुला था। मैंने एक बार फिर उसके दूध दबाए और निप्पल्स को मसल दिया। “आह्ह… हाय… मैं गई…” जीनल की चूत ने मेरे लंड को और जोर से जकड़ लिया, और वो झड़ गई। उसका पानी मेरे लंड पर बह रहा था। मैंने कुछ और धक्के मारे और फिर उसकी चूत में ही झड़ गया। मेरा गर्म वीर्य उसकी चूत को भर रहा था, और कुछ बूंदें बाहर बहने लगीं।

जीनल हांफ रही थी, लेकिन उसकी आंखों में संतुष्टि थी। “शुभम… ये तो… हाय…” उसने हंसते हुए कहा। मैंने उसे चूमा और कहा, “अभी तो बस शुरूआत है।”

थोड़ी देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी गोल-मटोल गांड मेरे सामने थी, और मैंने अपने लंड को फिर से तैयार किया। मैंने थोड़ी वैसलीन ली और उसकी गांड के छेद पर मली। “शुभम… धीरे करना…” जीनल ने शरमाते हुए कहा। मैंने उसकी गांड पर हल्के से थप्पड़ मारा और कहा, “तुझे मजे मिलेंगे, बस मुझ पर छोड़ दे।” मैंने अपने लंड को उसकी गांड पर सेट किया और धीरे-धीरे अंदर घुसाया। उसकी गांड पहले से थोड़ी खुली थी, तो मेरा लंड आसानी से अंदर चला गया। “आह्ह… उह्ह…” जीनल की सिसकारी निकली।

मैंने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए, और फिर स्पीड बढ़ाई। “थप-थप… पच-पच…” की आवाजें फिर से कमरे में गूंजने लगीं। जीनल की गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी, और वो “आह्ह… शुभम… और जोर से…” चिल्ला रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और उसे और जोर से चोदा। “तेरी गांड तो जन्नत है, जीनल…” मैंने कहा, और वो हंसते हुए बोली, “बस तू चोदता रह…”

लंबी गांड ठुकाई के बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया। मेरा वीर्य उसकी गांड से बाहर बह रहा था। जीनल ने हांफते हुए कहा, “शुभम… तू तो जान लेगा…” मैंने उसे चूमा और बेड पर लेट गया।

थोड़ी देर बाद जीनल ने मेरे लंड को फिर से चूसना शुरू किया। “उह्ह… जीनल… तू तो रांड बन गई है…” मैंने मजे लेते हुए कहा। उसने मेरे लंड को गहरे तक लिया और चूसने लगी। उसकी जीभ मेरे लंड के टॉप पर घूम रही थी, और मैं फिर से खड़ा हो गया।

मैंने उसे अपने ऊपर बैठाया। उसने मेरे लंड को अपनी चूत में लिया और उछलने लगी। उसके बड़े-बड़े दूध मेरे सामने नाच रहे थे। “आह्ह… उह्ह…” उसकी सिसकारियां फिर से शुरू हो गईं। मैंने उसके दूध पकड़े और जोर-जोर से दबाए। “शुभम… चोद मुझे… और जोर से…” वो चिल्ला रही थी।

जब मैं झड़ने वाला था, मैंने उसे उठाया और खड़े-खड़े उसके मुँह में लंड डाल दिया। “पि जा, जीनल…” मैंने कहा। उसने मेरे लंड को जोर-जोर से चूसा, और मैं उसके मुँह में झड़ गया। उसका मुँह मेरे वीर्य से भर गया, और उसने उसे पूरा गटक लिया। “उम्म… शुभम… तेरा माल तो…” उसने हंसते हुए कहा।

उधर, दूसरे कमरे में विशाल और शनाया की चुदाई पूरे जोरों पर थी। शनाया की “आह्ह… जीजू… और जोर से…” की आवाजें बाहर तक आ रही थीं। विशाल शनाया की गांड पेले जा रहा था, और “पच-पच… थप-थप…” की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं।

चार दिन तक विशाल और जीनल हमारे साथ रुके। इन चार दिनों में हम सब घर में नंगे ही रहे। दिन-रात चुदाई का खेल चलता रहा। कभी मैं जीनल को चोदता, कभी विशाल शनाया को। कभी हम चारों एक साथ कमरे में होते, और चुदाई की आवाजें पूरे घर में गूंजती थीं।

चार दिन बाद विशाल को काम पर लौटना था, तो वो और जीनल वापस चले गए। जाते वक्त हमने फिर से मिलने का प्लान बनाया। मैंने जीनल को चूमा और कहा, “अगली बार और मजे करेंगे।” उसने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “देखते हैं, शुभम… तू कितना और ले सकता है।”

तो दोस्तो, ये थी मेरी कहानी। आपको कैसी लगी? अपनी राय जरूर बताएं, कमेंट करें

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