मामा की शादी में मामी की चूत चूत का भरता बना दिया

Hot Mami ki choot chudai नाना के घर में मामा की शादी की धूम थी। पूरा घर मेहमानों से खचाखच भरा हुआ था। रंग-बिरंगी लाइटें, मंडप की सजावट, और ढोल-नगाड़ों की आवाज से माहौल में उत्साह भरा था। मैं, राजकुमार, उस वक्त 19 साल का था, कॉलेज में पढ़ता था, और शादी के इस मौके पर नाना के गांव वाले घर में पहुंचा था। मेरा कद 5 फीट 10 इंच, रंग गोरा, और चेहरा ऐसा कि लड़कियां एक बार पलटकर देख लेती थीं। बदन भी जिम की मेहनत से कसा हुआ था। मगर मैं थोड़ा शर्मीला था, खासकर रिश्तेदारों के बीच, लेकिन मजाक करने में माहिर था।

उसी शादी में मेरी दूर की मामी, रेनू, भी आई थीं। रेनू मामी मेरी मम्मी के रिश्ते के भाई की बीवी थीं। उम्र करीब 32 साल, गेहूंआ रंग, और फिगर 32-30-32 का, जो उनकी साड़ी में और भी उभरकर सामने आता था। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी, जो आपको बांध लेती थी। होंठ गुलाबी, बाल लंबे और घने, और चलने का अंदाज ऐसा कि हर कदम पर दिल धड़क जाए। वो दो बच्चों की मां थीं, लेकिन उनकी टाइट चूत और फुर्तीला बदन देखकर कोई नहीं कह सकता था कि वो मां हैं। वो एकदम माल थीं, जैसा कि हम दोस्तों में कहते हैं।

मामी से मेरी पहले से ही अच्छी बनती थी। हमारी हंसी-मजाक की आदत थी। वो मुझे छेड़ती थीं, और मैं भी जवाब में कुछ न कुछ बोल देता था। शादी के पहले दिन, जब मैं मेहमानों के बीच घूम रहा था, रेनू मामी से मेरी मुलाकात हुई। वो लाल साड़ी में थीं, जो उनके बदन से चिपकी हुई थी। मैंने मजाक में कहा, “मामी, ये गाल पर क्या निशान है? लगता है मामा ने दांत से काट लिया!” मैंने ये हंसी में कहा, क्योंकि मामा तो गोवा में जॉब करते थे और शायद ही कभी घर आते थे।

मामी ने मेरी बात सुनकर एक नशीली नजर से मुझे देखा और बोलीं, “अच्छा? कहां है निशान? तू तो बस बहाने बनाता है!” उनकी आवाज में एक अजीब सी शरारत थी। मैंने भी हंसी में जवाब दिया, “नहीं है तो मैं बना दूं क्या?” वो हंस पड़ीं और मेरे सामने आकर खड़ी हो गईं। फिर धीरे से बोलीं, “इतना ही मर्द बनता है तो रात में छत पर आके दिखा!” मैंने उनकी बात को मजाक समझा और हंसते हुए कहा, “ठीक है, मामी, रात में छत पर मिलते हैं!” लेकिन मैंने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और अपने काम में लग गया।

शाम ढल गई, और रात का माहौल बन गया। खाना-पीना, हंसी-मजाक, और शादी की रस्में खत्म होने के बाद सब छत पर सोने चले गए। नाना का घर पुराना था, और छत इतनी बड़ी थी कि कई चारपाइयां बिछी थीं। मेरे बगल में मेरे कुछ रिश्तेदार लेटे थे, और मैं भी चादर ओढ़कर सो गया। रात के करीब 11 बजे मुझे पायल की हल्की सी छनछन की आवाज सुनाई दी। मैंने आंखें खोलीं तो अंधेरे में कोई औरत मेरी तरफ आती दिखी। मैंने सोचा शायद कोई रिश्तेदार होगा, और चादर ओढ़कर फिर लेट गया।

थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि कोई मुझे हल्के से हिला रहा है। मैंने आंखें खोलीं तो देखा कि रेनू मामी मेरे पास खड़ी थीं। वो हल्की सी स्माइल के साथ बोलीं, “ये मेरा फोन है, इसमें नेट नहीं चल रहा। जरा देख तो!” मैंने फोन लिया और चेक किया। फोन फ्लाइट मोड पर था। मैंने नॉर्मल मोड ऑन किया, और नेट चलने लगा। लेकिन जैसे ही मैंने क्रोम खोला, स्क्रीन पर ढेर सारी सेक्सी वीडियो साइट्स खुली हुई थीं। मेरे गाल लाल हो गए, और मैंने झट से ब्राउजर बंद कर दिया। फोन वापस देते हुए मैंने कहा, “लो, ठीक हो गया।”

मामी ने फोन लिया और मुस्कुराते हुए बोलीं, “क्या हुआ, राज? दोपहर में तो बड़ा मर्द बन रहा था, अब क्या हुआ?” उनकी आवाज में एक चालाकी थी, और उनकी आंखें मुझे भेद रही थीं। मैं उनकी वासना को समझ गया। मेरे अंदर भी कुछ हलचल होने लगी। मैंने हिम्मत जुटाई और धीरे से उनकी कमर पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया, और उनकी गहरी सांसों से उनकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। मैंने उनके होंठों को चूम लिया। उनके होंठ नरम और गर्म थे, और जैसे ही मैंने उन्हें चूमा, उनकी एक हल्की सी “आह” निकली।

मैंने उनके गाल को हल्के से काटा, जैसे दोपहर में मजाक किया था। वो मुझसे और चिपक गईं। मैंने उनकी गर्दन पर चूमना शुरू किया, और मेरा एक हाथ उनकी छाती पर चला गया। उनकी साड़ी के ऊपर से मैंने उनके बूब्स को हल्के से दबाया। उनकी सांसें और तेज हो गईं। वो बोलीं, “राज, ये सब यहाँ… कोई देख लेगा!” मैंने देखा कि आसपास सब सो रहे थे, लेकिन फिर भी मैंने कोई रिस्क नहीं लिया। मैंने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें साथ वाली छत पर ले गया, जहां कोई नहीं था। वहां 2-3 चारपाइयां खाली पड़ी थीं।

मैंने मामी को एक चारपाई पर लेटाया और उनके ऊपर लेट गया। उनकी साड़ी का पल्लू पूरी तरह सरक चुका था, और उनकी ब्लाउज में कैद उनकी छाती मेरे सामने थी। मैंने उनकी गर्दन, उनके कानों के पास, और फिर उनके बूब्स को चूमना शुरू किया। मेरे हाथ उनकी साड़ी के अंदर घुसे, और मैंने उनकी चूत को सहलाना शुरू किया। उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी, और उनकी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने अपनी एक उंगली अंदर डाली, और वो सिसक उठीं, “उह… राज… धीरे…” उनकी आवाज में वासना थी, और वो मेरे और करीब आ गईं।

मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठाया और उनकी जांघों को सहलाते हुए उनकी चूत पर अपनी जीभ रख दी। उनकी चूत की खुशबू मेरे दिमाग में चढ़ गई। मैंने धीरे-धीरे उनकी चूत को चाटना शुरू किया, और वो सिसकारियां लेने लगीं, “आह… ओह… राज… और कर…” उनकी आवाज मुझे और उकसा रही थी। मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर-बाहर करना शुरू किया, और वो अपनी कमर हिलाने लगीं। उनकी सिसकारियां तेज हो गईं, “उह… आह… हाय…” मैंने उनके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से दबाना शुरू किया, और उनकी निप्पल्स सख्त हो चुकी थीं।

मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था। मैंने अपनी पैंट उतारी, और मेरा 7 इंच का लंड बाहर आ गया। मैंने उनकी साड़ी को और ऊपर किया और उनकी चूत पर अपना लंड रगड़ना शुरू किया। वो बोलीं, “राज… डाल दे… और मत तड़पा…” मैंने धीरे से अपना लंड उनकी चूत में डाला। उनकी चूत टाइट थी, जैसे दो बच्चों की मां की नहीं हो। लंड अंदर जाते ही मुझे हल्का सा दर्द हुआ, लेकिन वो दर्द मजा दे रहा था। “आह… कितनी टाइट है…” मैंने कहा।

मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के के साथ उनकी सिसकारियां बढ़ रही थीं, “आह… उह… राज… और जोर से…” उनकी आवाज में मस्ती थी। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, और हर धक्के के साथ उनकी चूत से “पच-पच” की आवाज आने लगी। मैंने उनके बूब्स को ब्लाउज से बाहर निकाला और उनकी निप्पल्स को चूसना शुरू किया। वो मेरे बालों में उंगलियां फिराने लगीं, “हाय… राज… तू तो जान लेगा…”

करीब 20 मिनट तक मैंने उन्हें चोदा। उनकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। मैंने उनकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से धक्के मारे। वो चिल्ला रही थीं, “आह… ओह… हाय… और जोर से… फाड़ दे मेरी चूत…” उनकी बातें मुझे और जोश दिला रही थीं। आखिरकार, मैं झड़ने वाला था। मैंने कहा, “मामी… मैं झड़ने वाला हूँ…” वो बोलीं, “अंदर ही छोड़ दे… कोई दिक्कत नहीं…” मैंने अपनी पूरी ताकत से आखिरी धक्के मारे और उनकी चूत में झड़ गया। मेरे साथ-साथ वो भी सिसकते हुए झड़ गईं, “आह… हाय…”

झड़ने के बाद वो उठीं, अपनी साड़ी ठीक की, और बिना कुछ बोले नीचे चली गईं। मैं भी चारपाई पर लेट गया और सो गया। सुबह जब मैं उठा तो मेरे लंड में हल्का सा दर्द था। मुझे रात का सब याद आया, और मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई। मैं नीचे गया तो मामी को देखा। वो मुझे देखकर मुस्कुराईं और धीरे से बोलीं, “कल रात तो तूने मेरी चूत का भरता बना दिया।” मैंने हंसते हुए कहा, “मामी, आपको तो छोटा समझती थीं, अब बोलो?” वो बोलीं, “छोटा तो नहीं, तेरा लंड तो मेरी चूत को रगड़ के लाल कर गया।”

मैंने मजाक में कहा, “जरा दिखाओ तो?” वो बोलीं, “चल, बाथरूम में आ, दिखाती हूँ।” मैं बाथरूम में गया, और वो मेरे पीछे आईं। वहां उन्होंने अपनी साड़ी ऊपर उठाई। उनकी चूत नंगी थी, कोई पैंटी नहीं थी। उनकी चूत लाल और सूजी हुई थी, जैसे रात की चुदाई का निशान अभी भी बाकी था। मैंने हंसते हुए कहा, “मामी, ये तो वाकई में भरता बन गया!” वो हंस पड़ीं और बोलीं, “अब तू ही ठीक कर इसे।”

मैं वहां से निकला, नहाया, और नाश्ते के लिए बैठ गया। मामी ने बड़े प्यार से मुझे नाश्ता परोसा। उस दिन तो यही सब हुआ, लेकिन अगले दिन इससे भी ज्यादा मजा आया। वो सब मैं अगली कहानी में बताऊंगा। तब तक आप मुझे कमेंट करके बताएं कि ये हॉट फॅमिली फक स्टोरी आपको कैसी लगी? क्या आपको मजा आया? मुझे उम्मीद है कि आपने इसे उतना ही एन्जॉय किया जितना मैंने लिखते वक्त किया।

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