चुदक्कड़ औरत ने अपनी बहू को चुदवाया

दोस्तो, मेरा नाम राज है। मैं एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ, जहाँ मेरी पुश्तैनी जमीन की वजह से मैं काफी अमीर हूँ। उम्र मेरी 32 साल है, कद 5 फीट 10 इंच, रंग गोरा और बदन गठीला। मैं बचपन से ही चुदाई का शौकीन रहा हूँ। मेरे लिए नई-नई चूत ढूंढना और उसमें लंड पेलना जैसे जिंदगी का मकसद हो। हर महीने मैं अपने घर में कोई नई, हॉट नौकरानी रखता हूँ, उसे चोदता हूँ और फिर छोड़ देता हूँ। मेरी नजरें हमेशा मस्त माल की तलाश में रहती हैं, और जब मौका मिलता है, मैं बिना देर किए उसकी चूत में लंड डाल देता हूँ।

एक दिन की बात है, मैं अपनी चमचमाती SUV कार से जंगल के रास्ते जा रहा था। सूरज डूब चुका था और चारों तरफ हल्का अंधेरा छा रहा था। रास्ता सुनसान था, सिर्फ जंगल की सनसनाहट और दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज थी। तभी मेरी नजर एक औरत पर पड़ी, जो अधनंगी हालत में सड़क के किनारे भाग रही थी। उसके पीछे तीन-चार जंगली कुत्ते दौड़ रहे थे, और वो डर के मारे चीख रही थी। उसका दुपट्टा कहीं गिर चुका था, और उसकी साड़ी का पल्लू हवा में उड़ रहा था। उसके मखमली चूचे साड़ी के ब्लाउज से बाहर झांक रहे थे, जैसे किसी ने जबरदस्ती ब्लाउज को फाड़ने की कोशिश की हो।

मैंने तुरंत कार रोकी और बाहर निकलकर कुत्तों को चिल्लाकर भगाया। कुत्ते कुछ देर भौंके, फिर जंगल की तरफ भाग गए। वो औरत सांसें फूलने से कांप रही थी और डर के मारे उसका चेहरा सफेद पड़ गया था। मैंने उसे सहारा देकर कार तक लाया और बोतल से पानी पिलाया। धीरे-धीरे उसकी सांसें सामान्य हुईं। मैंने देखा कि उसकी साड़ी पूरी तरह बिखरी हुई थी, और उसके गोरे चूचे ब्लाउज के ऊपर से साफ दिख रहे थे। उसकी उम्र करीब 45 साल की थी, लेकिन बदन इतना टाइट कि किसी 30 साल की लड़की को मात दे। उसका चेहरा गोल, आंखें बड़ी और होंठ रसीले थे।

मैंने उससे पूछा, “आप इस जंगल में अकेली क्या कर रही हैं?”
वो थोड़ा हांफते हुए बोली, “मेरा नाम शांति है। मैं अपने यार के साथ यहाँ चुदाई करने आई थी। वो कमीना मुझे यहाँ लाया, लेकिन कुत्तों को देखते ही मेरी बुर छोड़कर भाग गया। साला गांडू कहीं का!”

उसकी बिंदास और गंदी बातें सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने उसकी चूचियों की तरफ देखा, जो अब और ज्यादा उभरी हुई दिख रही थीं। शांति ने मेरी नजर पकड़ ली और मुस्कुराते हुए बोली, “क्या देख रहे हो, राज? चाहो तो मेरा लंड चूस लो, चूत चोद लो, या गांड मार लो। बस मुझे मेरे घर छोड़ दो। मेरी तीन जवान बेटियां घर पर होंगी, न जाने किस-किस से बुर चुदवा रही होंगी।”

उसकी बात सुनकर मेरा दिमाग चकरा गया। मैंने सोचा, साली को यहीं जंगल में पटक कर चोद दूं, लेकिन फिर उसकी तीन जवान बेटियों की बात मेरे दिमाग में घूम गई। मैंने मन में कहा, “काजू-बादाम के चक्कर में मूंगफली क्यों खराब करूं?”

मैंने उससे कहा, “कोई बात नहीं, शांति जी। मैं आपको घर छोड़ देता हूँ।”
वो खुश हो गई और बोली, “अरे, शांति जी क्या? शांति बोलो, या शांति रंडी भी चलेगा।” उसकी बेपरवाह हंसी ने माहौल को और गर्म कर दिया।

मैंने कार स्टार्ट की और उसे उसके घर की तरफ ले गया। रास्ते में वो बार-बार अपनी साड़ी ठीक करती, लेकिन उसका ब्लाउज इतना टाइट था कि उसकी चूचियां बाहर आने को बेताब थीं। रात के 11 बज चुके थे जब हम उसके घर पहुंचे। उसका घर गाँव के एक कोने में था, बाहर से देखने में साधारण, लेकिन अंदर से काफी बड़ा और सजा हुआ।

शांति ने कार से उतरते ही जोर से चिल्लाया, “ऐ सपना, रंडी! कहाँ मर रही है? दरवाजा खोल, कुतिया! किसके लंड पे उछल रही है?”

उसकी कर्कश आवाज सुनकर दरवाजा खुला। सामने एक 28 साल की मस्त माल खड़ी थी। ये थी शांति की बड़ी बहू, सपना। उसका रंग दूध सा गोरा, कद 5 फीट 5 इंच, और बदन ऐसा कि किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। वो एक पतली सी नाइटी पहने थी, जिसमें से उसके 34 इंच के चूचे साफ दिख रहे थे। नाइटी इतनी पारदर्शी थी कि उसकी काली ब्रा और पैंटी की शेप तक नजर आ रही थी।

शांति ने सपना को देखते ही ताना मारा, “क्या री छिनाल, गांड मरवा रही थी? इतनी देर क्यों लगाई दरवाजा खोलने में?”
सपना ने बिंदास जवाब दिया, “हाँ मम्मी जी, आपका बेटा मेरी चूत पेल रहा था। थोड़ा टाइम तो लगता ही है!”

शांति जोर से हंसी और सपना को धक्का देकर मुझे अंदर ले आई। उसने मुझे सोफे पर बिठाया और अपनी तीनों बेटियों को आवाज दी, “अरे जूही, सुधा, काजल! कहाँ बुर चुदवा रही हो, रंडियों? जल्दी नीचे आओ!”

थोड़ी देर में तीनों लड़कियां दौड़ती हुई नीचे आईं। जूही, 22 साल की, लंबी और स्लिम, रंग गोरा, और 32 इंच की चूचियां, जो उसकी टाइट टी-शर्ट में उभरी हुई थीं। सुधा, 20 साल की, थोड़ी भारी बदन की, लेकिन चेहरा इतना खूबसूरत कि बस देखते ही बनता था। उसकी गांड इतनी भारी थी कि उसकी लेगिंग्स फटने को थी। काजल, 18 साल की, सबसे छोटी, लेकिन बदन ऐसा कि किसी को भी पागल कर दे। उसकी चूचियां छोटी लेकिन टाइट, और उसकी मासूमियत में एक अजीब सी कामुकता थी।

शांति ने सबको मेरे बारे में बताया कि कैसे मैंने उसे जंगल में कुत्तों से बचाया। उसका छोटा बेटा धर्मेंद्र भी वहाँ था, जो अभी-अभी नौकरानी को चोदकर लौटा था। उसका चेहरा लाल था, और वो थोड़ा शर्मिंदा सा लग रहा था। शांति ने उसे डांटकर कहा, “जा, तू सो जा। यहाँ बड़ों की बात हो रही है।”

जूही मुझे पानी देने आई। वो जैसे ही झुकी, उसकी टी-शर्ट का गला नीचे सरक गया, और उसकी गोरी चूचियां मेरे सामने आ गईं। मैं उन चूचियों को घूरने लगा। शांति ने मुझे देख लिया और बोली, “अरे, साली रंडी जूही! ये मेरे मेहमान हैं। इनका ख्याल रखो आज!” इतना कहकर वो मुझे आँख मारकर कमरे से बाहर चली गई।

जूही मेरे पास बैठी। मैंने मौका देखते ही उसे अपनी बाहों में खींच लिया। उसकी चूचियां मेरे सीने से दब गईं, और मैंने उसके रसीले होंठों को चूमना शुरू कर दिया। वो थोड़ा कसमसाई और बोली, “छोड़िए ना, मम्मी आ जाएंगी!”

मैंने उसका चेहरा पकड़कर कहा, “तेरी मम्मी का भोसड़ा! चुप कर, रंडी, वरना अभी तेरी गांड मार दूंगा!”
जूही हंस पड़ी और बोली, “अच्छा, चोदना ही है तो पहले मम्मी से पूछ लो। वो बिना इजाजत कुछ नहीं करने देती।”

मैं तुरंत शांति के पास गया और बिंदास बोला, “शांति, मुझे जूही को चोदना है!”
शांति ने हंसकर कहा, “अरे वाह, राज! तू तो बड़ा चोदू निकला। ठीक है, जूही से कल कोर्ट मैरिज कर लेना, फिर दिन-रात उसकी चूत पेलना। लेकिन आज रात के लिए मैं तेरे लिए दूसरी चूत का इंतजाम करती हूँ।”

मैंने कहा, “ठीक है, शांति। लेकिन जल्दी करो, मेरा लंड तड़प रहा है।”

शांति ने सपना को बुलाया और बोली, “सपना, आज रात राज का लंड ले ले।”
सपना थोड़ा हिचकिचाई और बोली, “लेकिन मम्मी जी…”

शांति ने उसे डांटते हुए कहा, “क्या लेकिन-वेकिन, रंडी! राज का लंड ले, और बिना नखरे के चुद। जा, उसका लंड मुँह में ले!”

शांति ने मुझसे कहा, “राज, इस छिनाल को जैसे चाहे चोद लो। चूत, गांड, मुँह, सब तेरे लिए खुला है। मैं यहीं से देखती हूँ।”

मैंने तुरंत अपनी जींस की जिप खोली और 7 इंच का मोटा लंड बाहर निकाला। सपना मेरे सामने घुटनों पर बैठ गई। उसकी नाइटी अब भी बदन से चिपकी हुई थी, और उसकी काली ब्रा साफ दिख रही थी। मैंने उसका सिर पकड़ा और अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। वो गपागप चूसने लगी, जैसे कोई भूखी शेरनी हो। उसकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर घूम रही थी, और वो बार-बार मेरी आँखों में देखकर मुस्कुरा रही थी। “उम्म… आह…” वो हल्के-हल्के सिसकारियाँ भर रही थी।

मैंने उसकी नाइटी के ऊपर से उसकी चूचियां दबानी शुरू कीं। उसकी ब्रा के नीचे से उसके निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने उसकी नाइटी ऊपर खींची और उसकी काली पैंटी में हाथ डाला। उसकी चूत पहले से गीली थी, जैसे वो घंटों से चुदने को तैयार थी। मैंने उसकी पैंटी नीचे खींची और उसकी चिकनी चूत को उंगलियों से सहलाया। वो सिसकारी और तेज हो गई, “आह… राज जी… और जोर से…”

मैंने उसे सोफे पर लिटाया और उसकी टांगें चौड़ी कीं। उसकी चूत गुलाबी और चमक रही थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रगड़ा। वो तड़पने लगी, “आह… राज जी… अब डाल दो… मेरी चूत फट रही है!”

मैंने धीरे से लंड अंदर डाला। उसकी चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड पूरा अंदर जाने में थोड़ा वक्त लगा। “आह… ऊह…” सपना की सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। हर धक्के के साथ उसकी चूचियां उछल रही थीं। मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके निप्पल चूसने लगा। वो मेरे बालों को खींच रही थी और चिल्ला रही थी, “हाँ… राज जी… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… आह…”

मैंने स्पीड बढ़ा दी। अब कमरे में सिर्फ “थप-थप-थप” की आवाज और सपना की सिसकारियाँ थीं। “आह… ऊह… हाँ… और जोर से…” वो बार-बार चिल्ला रही थी। मैंने उसकी एक टांग अपने कंधे पर रखी और और गहराई तक लंड पेला। उसकी चूत मेरे लंड को जकड़ रही थी, जैसे छोड़ना ही न चाहती हो।

तभी शांति ने कमरे में झांका और बोली, “वाह राज, तू तो सच्चा चोदू है! सपना की चूत का मजा लो, मैं सोने जा रही हूँ।” वो हंसते हुए चली गई।

मैंने सपना को अब घोड़ी बनाया। उसकी भारी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसकी गांड पर हल्का सा थप्पड़ मारा, और वो सिसकारी, “आह… मारो ना… चोदो!” मैंने उसकी चूत में फिर से लंड डाला और तेज-तेज धक्के मारने लगा। उसकी गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी। “थप-थप-थप…” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। सपना चिल्ला रही थी, “आह… राज जी… मेरी चूत फट गई… और जोर से… आह…”

पूरी रात मैंने सपना को अलग-अलग पोज में चोदा। कभी उसे दीवार के सहारे खड़ा करके, कभी गोद में उठाकर। उसकी सिसकारियाँ और मेरे धक्कों की आवाज रात भर गूंजती रही। सुबह तक वो थककर चूर हो चुकी थी, लेकिन उसकी आँखों में संतुष्टि थी।

सुबह मेरी शादी जूही से हो गई, और वो घर मेरी ससुराल बन गया। दोस्तो, ये तो बस शुरुआत थी। अगले भाग में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने जूही की सुहागरात मनाई और उसकी दोनों बहनों, सुधा और काजल, की चूत का मजा लिया। आपको ये कहानी कैसी लगी, नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!

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